Posts

Showing posts from January, 2022

Pan card क्या है? इसकी जरूरत किस-किस चीजों में पड़ती है। अब आप घर बैठे पैन कार्ड बनाये।

Image
  Pan card क्या है? इसकी जरूरत किस-किस चीजों में पड़ती है। अब आप घर बैठे पैन कार्ड बनाये।             दोस्तों मुझे बहुत अच्छा लगा कि आप मेरे ब्लॉग पर आकर पैन कार्ड के बारे में जानकारी प्राप्त किया। दोस्तों मैं आप लोगों को बता देता हूं कि आजकल देश के हर निवासियों को पैन कार्ड कि आवश्यकता होती है। क्योंकि अगर देखा जाए तो पैन कार्ड एक पासबुक कि तरह है जिसके बिना आपको किसी भी बैंक में खाता नहीं खोल सकता है अगर आपके पास पैन कार्ड नहीं है तो इसीलिए सभी देशवासियों को पैन कार्ड बनवाना अनिवार्य है। सोचा जाए तो आधार कार्ड का जैसे उपयोग होता है वैसे ही आजकल आपका पैन कार्ड का उपयोग होता है। बहुत से ऐसे काम है जो पैन कार्ड के बिना नहीं होता है इसलिए पैन कार्ड रखना आज के जमाने में बहुत ही जरूरी है।          पैन कार्ड कैसे बनाएं अगर आप भी अपना पैन कार्ड बनवाना चाहते हैं तो आप हमारे इस आर्टिकल के माध्यम से पैन कार्ड बनवाने कि पुरी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। आप पैन कार्ड ऑनलाइन तथा ऑफलाइन दोनों तरह से ब...

घर बैठे मोबाइल से पैसे कमाने का तरीका।

Image
    घर बैठे मोबाइल से पैसे कमाने का तरीका।             दोस्तों मुझे बहुत अच्छा लगा कि आप मेरे ब्लॉग पर आकर घर बैठे मोबाइल से पैसे कमाने का तरीके को पढ़ा। चलिए अब आपको मैं उसके बारे में बताता हूं। तो दोस्तों सबसे पहले मैं आपको ये बताना चाहता हूं कि मोबाइल से पैसे कमाने के लिए आपको क्या-क्या  चीजें आवश्यक है। आपके पास एक स्मार्ट फोन होना आवश्यक है। आपके पास एक अच्छा इंटरनेट कनेक्शन होना आवश्यक है। आपके पास एक बैंक अकाउंट का होना आवश्यक है जो कि आपके मोबाइल नंबर के साथ जुड़ा हुआ हो। आपके पास सरकारी मान्यता पत्र होना आवश्यक है ताकि आपको लाॅग इन के समय दिक्कत ना हो। आपको डिजिटल मार्केटिंग के बारे में पुरी जानकारी का होना आवश्यक है आदि। तो दोस्तों चाहिए अब हम आपलोगों को बताते हैं अपने घर पर ही बैठ कर पैसे कमाने का तरीका क्या है। 1.Blogging ( blogging on mobile) :- अगर आप भी अपने मोबाइल का इस्तेमाल करके घर बैठे पैसे कमाना चाहते हैं तो ब्लॉगिंग कर सकते हैं। इसके लिए ब्लॉगिंग सबसे अच्छा तरीका है। आपने सुना होगा कि लोग लैपटॉप य...

Social media (सोशल मीडिया) क्या है? जाने। अपने जीवन में इसका उपयोग कैसे करें।

Image
  Social media (सोशल मीडिया) क्या है? जाने। अपने जीवन में इसका उपयोग कैसे करें।                        दोस्तों मुझे बहुत ही खुशी हुई कि आप मेरे ब्लॉग पर आकर सोशल मीडिया के बारे में जानकारी प्राप्त किया। आपलोग ऐसे ही मुझे स्पोर्ट्स करते रहिए और मैं हर दिन दोस्तों आपलोगों के लिए किसी ना किसी चीज के बारे में जानकारी देता रहुंगा। तो चलिए अब ऊपर लिखे हुए मुद्दे पर चर्चा करते हैं। Social media meaning - आज के समय में सोशल मीडिया काफी ज्यादा पाॅपुलर हो चुका है। ऐसे में क्या आपने कभी ये जानने की कोशिश की है कि सोशल मीडिया क्या है और इसका मिनिंग क्या होता है। अगर आपको नहीं पता है तो इस पोस्ट में हम आपको सोशल मीडिया मिनिंग के बारे में तो बताएंगे ही, साथ में सोशल मीडिया क्या होता है और इससे आप लाखों रूपए महीने घर बैठे कैसे कमा सकते हैं। आज इन सभी के बारे में इस पोस्ट में हम डिटेल में चर्चा करेंगे। अगर आप बेरोजगार हैं और घर बैठे ही सोशल मीडिया के जरिए अच्छे पैसे कमाना चाहते हैं तो ये पोस्ट...

Computer (कम्प्यूटर) क्या है? जाने, Online कम्प्यूटर कैसे सिखें।

Image
  Computer (कम्प्यूटर) क्या है? जाने, Online कम्प्यूटर कैसे सिखें।          आज कल कम्प्यूटर का जमाना है अगर हम कहें तो कम्प्यूटर के बिना हमारी जिंदगी अधुरी है तो किसी हद तक सही भी होगा। आप जानते होंगे कि आजकल हर काम कम्प्यूटर या टेक्नोलॉजी के जरिए होता है। डिजिटल इंडिया का दौर होने से कम्प्यूटर या टेक्नोलॉजी का यूज दिन भर दिन बढ़ती ही जा रही है। हम हमारे चारों ओर देखें तो कम्प्यूटर और टेक्नोलॉजी इन दो चीजों का बहुत ही महत्व है। चाहे फिर स्कूल, काॅलेज में एडमिशन लेना हो, जाॅब के लिए हो या कोई ऑनलाइन फाॅर्म भरना हो। सभी में कम्प्यूटर कि आवश्यकता है। कोरोना वायरस के चलते कम्प्यूटर का उपयोग ओर बढ़ता जा रहा है। तथा कम्प्यूटर से संबंधित वैकेंसी निकलती जा रही है। Table of contents ( Computer course) वेब डिजाइनिंग  वीएफएक्स एंड एनीमेशन टैली (Tally) माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस एंड टाइपिंग कोर्स साइबर सिक्योरिटी कोर्स सोफ्टवेयर इंजीनियरिंग डिप्लोमा इन आईटी एंड कम्प्यूटर साइंस हार्डवेयर मेंटेनेंस डिजिटल मार्केटिंग कोर्स कम्प्यूटर नेटवर्किंग फोटो शोप बीटेक बी...

Mutual fund (म्यूचुअल फंड) क्या है? जाने। Mutual fund जिसे हिन्दी में पारस्परिक निधि कहते हैं। किन्तु इसका अंग्रेजी नाम अधिक प्रचलित है, एक प्रकार का सामुहिक निवेश होता है। निवेशकों के समूह मिल कर स्टाॅक, अल्प अवधि के निवेश या अन्य प्रतिभूतियों (सेक्यूरीटिज) में निवेश करते हैं। UTI, AMC भारत कि सबसे पुरानी Mutual fund है। म्यूचुअल फंड में एक फंड प्रबंधक होता है जो फंड के निवेशों को निर्धारित करता है और लाभ और हानि का हिसाब रखता है। इस प्रकार हुए फायदे और नुकसान को निवेशकों में बांट दिया जाता है। स्टाॅक बाजार कि पर्याप्त जानकारी ना होने पर भी निवेश कि इच्छा रखने वालों के लिए एक सुलभ मार्ग म्यूचुअल फंड ही होता है। म्यूचुअल फंड संचालक (कंपनी) सभी निवेशकों के निवेश राशि को लेकर इकठ्ठे करती है और उनसे कुछ सुविधा शुल्क भी लेती है। फिर इह राशि को उनके लिए बाजार में निवेश करती है। इनमें से निवेश करने का फायदा यह है कि निवेशक को इस बात कि चिंता करने की जरूरत नहीं होती कि आप कब Shares को खरीदें और बेचें। क्योंकि यह चिंता फंड मैनेजर कि होती है। वहीं निवेशक के निवेश का रख-रखाव करने वाला होता है। एक दूसरा लाभ यह भी होता है कि छोटे निवेशक बहुत ही कम राशि जैसे- 100रु. प्रतिमाह तक निवेश कर सकते हैं। ऐसे में उन्हें सिस्टेमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान लेना होता है, जिसमें बैंक से ये राशि मासिक सीधे फंड में स्थानांतरित होती रहती है। तो दोस्तों मैं आप लोगों को अच्छे से समझायेंगे। जो इस प्रकार है। प्रकार संपादित म्यूचुअल फंड कि इक्विटी योजना में इंडेक्स फंड, डायवर्सिफाइड फंड, लार्ज-कैप फंड, मिड-कैप स्कीम और कर-बचाव योजना (टैक्स सेविंग स्कीम) जैसे बहुत से विकल्प उपलब्ध होते हैं। निवेशक निवेश के उद्देश्यों और लक्ष्य पर सही बैठने वाली योजना चुन सकते हैं। विविध योजना संपादित इसे डायवर्सिफाइड स्कीम भी कहते हैं। यदि किसी विशेष सेक्टर या इकनॉमी के किसी एक सेगमेंट में निवेश को लेकर नहीं रहना चाहते तो डायवर्सिफाइड स्कीम का विकल्प उपलब्ध रहता है। NOTE:- क्लोज एंडेड फंड बोनस या राइट निर्गम को छोड़कर योजना के अंतर्गत कोई भी नया यूनिट जारी नहीं कर सकते हैं। इस कारण से ओपेन एंडेड योजना कि इकाई पुंजी में शेयर कि ही तरह उतार- चढ़ाव हो सकते हैं, जबकि क्लोज एंडेड के मामले में ऐसा नहीं होता है। ओपेन एंडेड योजना में कभी भी प्रवेश लिया जा सकता है या उससे बाहर निकला जा सकता है और की बार इनमें लाॅकइन पीरियड होता है, जिसके अंदर रिडेंप्शन नहीं हो सकता है। इसलिए इनमें प्रवेश के समय ही निश्चित हो जाना चाहिए। क्लोज एंडेड योजना में सब्सक्रिप्शन एक ही बार लिया जा सकता है और रिडेंप्शन भी न्यूनतम तय समय सीमा के अंतराल पर ही हो सकता है। इस तरह क्लोज एंडेड स्कीम की तरलता (लिक्विडिटी) कम हो जाती है। लार्ज कैप और मिड कैप संपादित अधिक जोखिम लेने वाले लोग मिड कैप स्कीम का ही चयन करते हैं। इनमें जोखिम अधिक होता है लेकिन इनमें अधिक रिटर्न देने की क्षमता होती है। शेयर बाजार में लम्बी अवधि का निवेश लाभदायक होता है और अल्पावधि निवेश करने वालों के लिए जोखिम अधिक होता है। लार्ज कैप म्यूचुअल फंड में निवेश किसी ब्लूचिप कंपनी के स्टाॅक में किया जाता है। इनमें निवेश सुरक्षित माना जाता है। ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि इनके बारे में जानकारी हर जगह उपलब्ध होती है। मिड कैप म्यूचुअल फंड में निवेश मध्यम और छोटे आकार कि कंपनियों में किया जाता है। ग्रोथ फंड संपादित ग्रोथ फंड की सहायता से अधिकतम फायदा प्राप्त करने का प्रयास किया जाता है। इनमें निवेश उन कंपनियों में किया जाता है जो बाजार में तेजी प्रगति करती है। डिविडेंड फंड यदि कोई निवेशक डिविडेंड फंड में निवेश करता है। तो कंपनियों द्वारा समय-समय पर दिये जाने वाला डिविडेंड भी निवेशक को मिलता रहता है। यह नकद धनराशि निवेशक के खाते में जमा कर दी जाती है। वैल्यू फंड संपादित यह ऐसे फंड हैं जो सुरक्षा को वरीयता देते हैं। इनमें अपेक्षाकृत कम लाभ होता है, किन्तु हानि कि संभावना बहुत कम होती है। म्यूचुअल फंड का गठन म्यूचुअल फंड का गठन एक ट्रस्ट के रूप में किया जाता है जो स्पांसर (प्रायोजक), ट्रस्टी, एसेट मैनेजमेंट कंपनी (एएमसी) और कस्टोडियन के अधिन होता है। ट्रस्ट कि स्थापना एक या उससे अधिक स्पांसर द्वारा की जाती है। कंपनी में जिस तरह प्रमोटर होते हैं उसी तरह म्यूचुअल फंड में प्रायोजक होते हैं। म्यूचुअल फंड के ट्रस्टी लोग निवेशकों के लाभार्थ फंड कि प्रापर्टी धारण कर सकते हैं। सेबी द्वारा मान्यता प्राप्त एसेट मैनेजमेंट कंपनी (एएमसी) विभिन्न सिक्योरिटीज में पुंजी निवेश द्वारा धन का प्रशासन करती है। किसी भी योजना के तहत 65 प्रतिशत से अधिक रकम यदि इक्विटी में लगाई जाने वाली है तो ऐसी योजना को इक्विटी योजना कहा जाता है। यदि कंपनी इक्विटी व ऋण(डेट) में बराबर बराबर रकम निवेश करने जा रही है, तो ऐसी योजना बैलेंस्ड स्कीम के अंतर्गत आती है। बैलेंस्ड स्कीम के तुलना में इक्विटी स्कीम अधिक जोखिमकारी होती है। भारत में 2010 तक म्यूचुअल फंड में निवेश हेतु बिचौलियों कि भूमिका समाप्त हो जाएगी। नेशनल स्टाॅक एक्सचेंज यानि एनएसई और एनएसडीएल मिलकर एक ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म विकसित कर रहे हैं, जिसके जरिए म्यूचुअल फंड के यूनिट सिधे खरीदें या बेचे जा सकेंगे। बाजार में कोई भी फंड हाउस जब कोई नई योजना निकलता है, तब इससे जुड़े सभी नियमों, शर्तें और दूसरी बातों कि जानकारी सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (सेबी) को अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराता है। यह जानकारी जिस दस्तावेज के द्वारा सेबी को दी जाती है उसे 'स्कीम का ऑफर डाॅक्यूमेंट' कहते हैं। तो दोस्तों मैं आप लोगों को बताना चाहता हूं कि म्यूचुअल फंड एक ऐसा फंड हैं जिसमें आप अपने पैसे को इन्वेस्ट कर सकते हैं और आप म्यूचुअल फंड में अपने पैसे को इन्वेस्ट कर के आप अधिक से अधिक पैसे कमा सकते हैं। आपलोग देखें होंगे कि म्यूचुअल फंड का भी प्रचार जाने माने क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी ने भी किया था और अभी भी म्यूचुअल फंड का‌ प्रचार प्रसार चल ही रहा है। दोस्तों देखा जाए तो म्यूचुअल फंड एक तरह से अच्छा ही है इसमें आपको शेयर को खरीदना है और फिर बाद में जब बाजार में चढ़ाव रहेगा उस समय अपने खरीदे हुए शेयर को अच्छे दामों में बेच सकते हैं जिससे आप अच्छे खासे पैसे कमा सकते हैं।

Image
  Mutual fund (म्यूचुअल  फंड) क्या है? जाने।         Mutual fund जिसे हिन्दी में पारस्परिक निधि कहते हैं। किन्तु इसका अंग्रेजी नाम अधिक प्रचलित है, एक प्रकार का सामुहिक निवेश होता है। निवेशकों के समूह मिल कर स्टाॅक, अल्प अवधि के निवेश या अन्य प्रतिभूतियों में निवेश करते हैं। UTI, AMC भारत कि सबसे पुरानी Mutual fund है। म्यूचुअल फंड में एक फंड प्रबंधक होता है जो फंड के निवेशों को निर्धारित करता है और लाभ और हानि का हिसाब रखता है। इस प्रकार हुए फायदे और नुकसान को निवेशकों में बांट दिया जाता है। स्टाॅक बाजार कि पर्याप्त जानकारी ना होने पर भी निवेश कि इच्छा रखने वालों के लिए एक सुलभ मार्ग म्यूचुअल फंड ही होता है। म्यूचुअल फंड संचालक (कंपनी) सभी निवेशकों के निवेश राशि को लेकर इकठ्ठे करती है और  उनसे कुछ सुविधा शुल्क भी लेती है। फिर इस राशि को उनके लिए बाजार में निवेश करती है। इनमें से निवेश करने का फायदा यह है कि निवेशक को इस बात कि चिंता करने की जरूरत नहीं होती कि आप कब Shares को खरीदें और बेचें। क्योंकि यह चिंता फंड मैनेजर कि होती है। वहीं...