रोमांचक शायरी
रोमांचक शायरी
1. एक लड़का बेचारा, ग़म का मारा,
गलियों में फिरता था बनके आवारा
अपनी मां का वो था दुलारा,
लेकिन किसी लड़की के प्यार में वो अपना दिल हारा,
छोड़ के चली गई वो लड़की उसे,
जिसके नाम कर दिया था उसने अपना जीवन सारा,
ना जाने कैसे होगा अब उसका गुजारा,
कोई तो होगा जो देगा उसे सहारा,
एक लड़का बेचारा, ग़म का मारा,
गलियों में फिरता था बनके आवारा।
2. दुश्मन नसिब अपना,
साचा रकिब अपना,
सांसों में सोना चांदी,
दिल है गरीब अपना,
कोई है जिसे समझु में अपना,
तनहा हूं महफ़िल में,
ये है नसिब अपना।
3. अंदाज-ऐ-प्यार आपकी एक अदा है,
दूर हो हमसे आपकी खता है,
दिल में बसी है एक प्यारी सी तस्वीर आपकी,
उसमें आई मिस यू लिखा है।
4. हमारे चले जाने के बाद,
ये समुंदर भी पुछेगा तुमसे,
कहां चला गया वो शख्स
जो तन्हाई में आकर,
बस तुम्हारा ही नाम लिखा करता था।
5. नज़र को नज़र की खबर ना लगे,
कोई अच्छा भी इस कदर ना लगे,
आपको देखा है बस उस नज़र से,
जिस नज़र से आपको नज़र ना लगे।
6. सादगी किसी श्रृंगार से कम नहीं होती,
चिंगारी किसी अंगार से कम नहीं होती,
ये तो सबकी अलग अलग सोच है वरना,
दोस्ती किसी प्यार से कम नहीं होती।
7. हर पल आता है,
हर पल जाता है,
इस पल आपको वो मिले,
जो आपका दिल चाहता है।
8. ऐ सुरज मेरे अपनों को पैगाम देना,
खुशियों कि दिन हंसी की शाम देना,
जो लोग मेरे SMS पढ़े प्यार से,
उनके चेहरे पे प्यारी सी मुस्कान देना।
9. लोगों ने कहा कि मैं शराबी हूं,
मैंने उनसे कहा कि उसनेे आंखों से पिलाई है,
लोगों ने कहा कि मैं आशिक हूं,
मैंने कहा आशिकी उन्होंने सिखाई है,
लोगों ने कहा तू शायर दिवाना है,
मैंने कहा उनकी मोहब्बत रंग लाई है।
10. सुरज के बिना सुबह नहीं होती,
चांद के बिना रात नहीं होती,
बादल के बिना बरसात नहीं होती,
और तेरी याद के बिना मेरी शुरुआत नहीं होती।
11. जीवन का आधार प्यार है,
प्यार पिला दो प्यार,
प्यार बिना में ठुकरा दूंगा,
सोने का संसार।
12. हम क्यों ग़म करें,
अगर वो हमें ना मिले,
अरे! ग़म तो वो करें,
जिसे हम ना मिले।
13. अपनों को दूर होते देखा,
सपनों को चूर होते देखा,
अरे लोग कहते हैं कि फुल कभी रोते नहीं,
हमने तो तन्हाइयों में फुल को रोते देखा।
14. अरमान था तेरे साथ जिंदगी बिताने का,
कोई तो वज़ह है हमें चुप रह जाने का,
दीवानगी इससे बढ़कर और क्या होगी,
आज भी इंतजार है तेरे आने का।
15. तू चांद और मैं सितारा होता,
आसमान में एक आशियाना हमारा होता,
लोग तुम्हें दूर से देखते,
नजदीक से देखने का हक़ बस हमारा होता।
16. घर से बाहर वो नकाब में निकली,
सारी गलि उनकी फिराक में निकली,
इनकार करते थे वो हमारी मोहब्बत से,
और उनकी किताब से मेरी तस्वीर निकली।
17. घनघौर मौसम रात अंधेरी,
जाग रहा सिमा का पहरी।
18. छोड़ो गिले सिक्वे, बोलो मिठी बोली
भर के पिचकारी आई मस्तो कि टोली
मेरे दोस्त मेरे हमजोली
मुबारक हो तुम्हें होली।
19. गुल को गुलाब बना देते,
गुलाब को कमल बना देते,
जानम तुम हम पर मरते नहीं,
वरना जोधपुर में भी ताजमहल बना देते।
20. मेरे मंजिल मेरे करीब है,
इसका मुझे एहसास है,
गुमान नहीं मुझे इरादों पे अपने,
ये मेरे हौसले और मेरी सोच का विश्वास है।
Good
ReplyDeleteLage raho
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